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ऑस्ट्रेलिया- विशेष नमाज़ के बाद आग प्रभावित क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा

ऑस्ट्रेलिया के जंगल में लगी भीषण आग। से पूरा जंगल जहन्नुम बन गया है। जानवरों के चीखने चिल्लाने की आवाज़ कई कई किलोमीटर तक सुनाई दे रही है, आसमान में परिंदे छटपटा कर फड़फड़ा के नीचे गिर जाते हैं और गिर कर कोयला बन जाते हैं। जानवरों का दर्द देखकर शायद कोई इंसान ऐसा हो जिसकी आँखे मुंह को न आ रही हों।

लगभग 600 मिलियन जानवर जलकर खाकिस्तर हो चुके हैं, सरकार पूरी कोशिश के बावजूद भी आग पर काबू नही रख पा रही है लेकिन अभी एक राहत देने वाली खबर सामने आई है। आग प्रभावित इलाकों में जमकर बारिश हो रही है। जबकि वहां मानसून का कोई मौसम भी नहीं है। ये बारिश कैसे हुई वैज्ञानिक चमत्कार बता रहे हैं, मौसम वैज्ञानिकों के पास इस बारिश् का कोई अनुमान भी नहीं था।

कुछ लोगों का कहना है कि बारिश के लिए आस्ट्रेलिया में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विशेष नमाज़ “इस्तस्क़ाह” पढ़ के दुआ मांगी थी। इस नमाज़ में मुस्लिमो के साथ अन्य समुदायों के लोग भी शामिल थे। नमाज़ के बाद बारिश की दुआ मांगी गयी थी। और जैसे ही दुआ ख़त्म हुई बारिश बरसने लगी। लोग इसे करिश्मा बता रहे हैं।

“नमाज़ ए इस्तस्क़ाह” एक विशेष प्रकार की नमाज़ है। जब कहीं ज़्यादा सूखा पड़ जाता है तो मुस्लिम समुदाय के लोग जंगल में जाकर ये नमाज़ पढ़ते हैं और बारिश की दुआ मांगते हैं। ऑस्ट्रेलिया में पढ़ी गयी इस नमाज़ में क्रिश्चियन धर्म के लोग भी शामिल रहे।

इस आश्चर्यजनक घटना पर सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर हो रही हैं, “Tasmiya Khan Shahzad Qadri” ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है –

“आस्ट्रेलिया में मुसलमानों की नमाज़ इस्तसक़अ (استسقاء) पढ़ते ही तेज़ बारिश शुरू, ईसाई हैरान पिछले दो दिन से जिस आग ने 480 मिलियन जानवर जला दिये, दुनिया की कोई टेक्नोलॉजी आग न बुझा सकी आज वहाँ एक नमाज़ ने लाखों लोगों की जान बचा ली, यह है इस्लाम की बरकत यह है दुनिया के लिए खुदा का एक मोअजिज़ह कि कोई नहीं आग को बुझा सका सिवाय अल्लाह के।”

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