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अली बनात – एक अमीर शख़्स की दास्ताँ जिसने कहा “कैंसर उसे प्रकृति का तोहफा है”

एक खूबसूरत नवजवान अली बनात भी 2 दिन पहले यह आरज़ी दुनियां छोड़ गया। नीचे की खूबसूरत तस्वीर उसी अलिबनात की है तस्वीर के साथ साथ कहानी भी उतनी ही खूबसूरत , दिलचस्प और सबक़ आमोज़ है। 32 साला अली एक मालदार ऑस्ट्रेलिया सिडनी का मुसलमान था , दुनियां जहान कि रंगीनियां उसके पास थीं मगर दीन से कोसों दूर था।

अपनी वफात से तीन साल पहले उसे कैंसर की बीमारी हुई जिसने उसकी सारी जिंदगी ही बदल दी थी। अब वह रंग रलियों में मगन अली नहीं था बल्कि 5 वक़्त का नमाज़ी और गरीबों का दर्द लेकर उनकी मदद करने वाला अली बन गया।

कैंसर की बीमारी के बाद डॉक्टरों ने कहा वह ज़्यादा से ज़्यादा सात महीने ज़िन्दा रह सकता है मगर अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त को कुछ और ही मक़सूद था। कैंसर को उसने अल्लाह का अज़ाब नहीं बल्कि “तोहफा” कहा कि उस कैंसर ने उसकी जिंदगी बदल कर रख दी।

उसने अपने घर का दौरा कराया तो नायाब किस्म के जूते उसके कमरे की ज़ीनत थे – एक बाथरूम में पहनने वाले मामूली चप्पल की कीमत 700 डॉलर थी – एक ब्रेसलेट दिखलाया जिसकी कीमत 60000 डॉलर थी – उसके इलावा बेशकीमती घड़ियां जो हर वक़्त उसकी हाथों की ज़ीनत बनतीं।

उसके घर से बाहर निकले तो उसकी चमचमाती गाड़ी फ़र्रारी स्पाईडर नज़र आई जिसकी मालियत 600000 डॉलर थी। उस से पूछा गया क्या इन सब के छूटने का गम है। कहने लगा नहीं खुशी है इन अलाइशों को छोड़ कर अपने रब से मुलाक़ात करने जा रहा हूँ।

डॉक्टरों ने उसे 7 माह तक जिंदा रहने की उम्मीद दिलाई मगर मेरे रब ने उसे 3 साल तक ज़िन्दगी का शानदार मौक़ा दिया। उस दौरान उसने अपनी तमाम जमा पूंजी अफ्रीका में मुकीम नादार लोगों के घरों की तामीर करवाये , उनके लिए सेहत के मराकज़ (स्वास्थ केंद्र) बनाए , बच्चों के लिए स्कूल …. और जहां जहां किसी को माली मदद की ज़रूरत होती तो उसकी बज़ाते खुद मदद करता.

इस सिलसिले में उसने अपनी एक तंज़ीम MATW (Muslims Around The World) बनाई और अपनी दौलत लोगों में तक़सीम करने खुद जाता। किसी ने पूछा कैंसर के मर्ज में जो दर्द होता है क्या उसके लिए कोई दवा लेते हो – उन्होंने बड़ा ही खूबसूरत जवाब दिया “उसके लिए ‘सुब्हानअल्लाह’ बेहतरीन दवाई है”

उस नवजवान ने अपनी ज़िंदगी पलटी तो रब रहमान ने उसे अपने पास बुलाया तो उस बाबरकत महीने रमज़ानुल मुबारक में. अल्लाह तबारक तआला अली बनात पर करोड़हा रहमतें नाज़िल कर के अपनी जन्नतों का मेहमान बनाए.

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